विश्व हिंदी दिवस

प्रिय दोस्तों हिंदी दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं। इस दिवस पर मेरे एक बहुत ही खास मित्र आलोक राठी द्वारा लिखी गईं इन दो ऊर्जावान कर देने वाली कविताओं को आपके सम्मुख प्रस्तुत कर रहा हूँ। आशा है आपको पसंद आएगी। तू चले काँपे ज़मीं, तू उठे पर्वत झुके सागर दे...

देश के हो गए टुकड़े

मेरे प्यारे मित्रों, बहुत समय हो गया है लगभग एक वर्ष, जब से मैंने आपके समक्ष कुछ प्रस्तुत किया हो। अब मुझे समझ आ रहा है कि विवाह उपरांत कुछ ऐसे उत्तरदायित्व आ जाते हैं कि समय कब निकल जाता है पता ही नही चलता। 😀 आज भी मैं...

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